बिहार में भूमि मापी (Measurement) का नया दौर: अब 7 से 11 दिनों में पूरी होगी

बिहार सरकार अपने ‘सात निश्चय-3‘ के संकल्प को पूरा करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। राज्य के नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवा देने के लिए अब भूमि मापी (Land Measurement) की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और समयबद्ध (Time-bound) कर दिया गया है।

अगर आप भी अपनी जमीन की मापी को लेकर परेशान थे, तो यह नई व्यवस्था आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आइए जानते हैं इस नई व्यवस्था की मुख्य बातें और आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं।

समय सीमा तय: अब इंतजार खत्म

पुरानी व्यवस्था में भूमि मापी के लिए महीनों चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब सरकार ने इसके लिए सख्त समय सीमा निर्धारित की है:

  • अविवादित भूमि (Undisputed Land): आवेदन के मात्र 7 दिनों के भीतर मापी पूरी की जाएगी।
  • विवादित मामले (Disputed Cases): जटिल या विवादित मामलों में भी अधिकतम 11 दिनों के भीतर मापी का कार्य संपन्न करना होगा।
  • ऑनलाइन रिपोर्ट: मापी होने के बाद 14 दिनों के भीतर पोर्टल पर मापी प्रतिवेदन (Report) अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।

मापी महा-अभियान लंबित समस्याओं का समाधान

वर्षों से लंबित पड़े मापी के मामलों को खत्म करने के लिए सरकार 26 जनवरी से 31 मार्च तक एक विशेष ‘मापी महा-अभियान’ चला रही है।

लक्ष्य: वर्षों से अटकी हुई समस्याओं का त्वरित निष्पादन करना ताकि रैयतों (भू-स्वामियों) को समय पर न्याय मिल सके और भूमि विवादों को जड़ से खत्म किया जा सके।

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पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था

अब आपको किसी कार्यालय के चक्कर काटने या बिचौलियों की मदद लेने की जरूरत नहीं है।

  • डिजिटल आवेदन: नागरिक अब सीधे पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • ट्रैकिंग सुविधा: आप अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन देख सकते हैं कि आपकी मापी किस चरण में है।
  • जवाबदेही: समय सीमा तय होने से अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

भूमि विवादों में आएगी भारी कमी

बिहार में होने वाले अधिकतर विवादों की जड़ ‘जमीन की गलत मापी’ या ‘देरी से होने वाली मापी’ होती है। सरकार का मानना है कि इस नई त्वरित व्यवस्था से:

  • राजस्व प्रशासन में जनता का विश्वास बढ़ेगा।
  • जमीनी विवादों के मामलों में भारी कमी आएगी।
  • सामाजिक सौहार्द और शांति बनी रहेगी।

नागरिकों से अपील: डिजिटल बनें, लाभ उठाएं

राज्य सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस नई और पारदर्शी व्यवस्था का पूरा लाभ उठाएं। यदि आपकी जमीन की मापी लंबित है, तो इस ‘मापी महा-अभियान’ के दौरान डिजिटल माध्यम से आवेदन जरूर करें। विभाग पूरी तत्परता से आपकी समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रहा है

बिहार सरकार का यह कदम ‘सुशासन’ की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। सात निश्चय-3 के तहत तकनीक का उपयोग कर आम जनता के जीवन को सरल बनाना ही इस योजना का मूल उद्देश्य है। तो देर किस बात की? आज ही आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठाएं

जमीन का रसीद कैसे काटे और ऑनलाइन भुगतान कैसे करे 2025 @bhulagan.bihar.gov.in

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