बिहार सरकार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग राज्य में भूमि प्रबंधन को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी दिशा में विभाग ने ‘आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन सेवाओं’ की एक सूची जारी की है, जिससे अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।
Khatiyan Bihar नया एव पुराना खतियान अब ऑनलाइन देखें 2026

पूर्वजो के नाम से जमीन का खतियान देखे ऑनलाइन 2026
यहाँ उन 10 प्रमुख सेवाओं का विवरण दिया गया है जो अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं:
- ऑनलाइन दाखिल-खारिज (Mutation): जमीन की खरीद-बिक्री के बाद नाम परिवर्तन की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन है।
- ऑनलाइन भू-लगान भुगतान: अब नागरिक अपनी जमीन का लगान (रसीद) कहीं से भी इंटरनेट के माध्यम से जमा कर सकते हैं।
- डिजिटल हस्ताक्षरित भू-अभिलेख: जमीन के जरूरी कागजात अब डिजिटल हस्ताक्षर के साथ डाउनलोड किए जा सकते हैं, जो कानूनी रूप से मान्य हैं।
- ई-मापी: जमीन की पैमाइश या मापी के लिए अब ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी।
- परिमार्जन प्लस: डिजिटल जमाबंदी में सुधार या त्रुटियों को दूर करने के लिए ‘परिमार्जन प्लस’ पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।
- ऑनलाइन राजस्व न्यायालय (RCMS): भूमि संबंधी विवादों और न्यायालयी मामलों की स्थिति और प्रक्रिया को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकता है।
- भूमि उपयोग प्रकार में परिवर्तन (भू-संपरिवर्तन): कृषि योग्य भूमि को व्यावसायिक या अन्य उपयोग में बदलने (Conversion) की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया गया है।
- राजस्व मानचित्रों की डोर स्टेप डिलीवरी: अब आप अपने गांव या जमीन का नक्शा ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं, जो सीधे आपके घर तक पहुंचा दिया जाएगा।
- जमाबंदी पर SMS अलर्ट सेवा: यदि आपकी जमाबंदी में कोई बदलाव या छेड़छाड़ की कोशिश होती है, तो इसकी सूचना तुरंत आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए मिल जाएगी।
- भूमि दखल-कब्जा प्रमाण पत्र (LPC): ऋण लेने या अन्य सरकारी कार्यों के लिए आवश्यक ‘लैंड पजेशन सर्टिफिकेट’ (LPC) अब ऑनलाइन बनवाया जा सकता है।
इन ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े कार्यों में बिचौलियों की भूमिका को खत्म करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कोशिश की है। इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए नागरिक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर जा सकते हैं।